Panchayati Raj Chunav Rajasthan: राजस्थान की राजनीति में आगामी वर्ष 2026 बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं (ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद) का कार्यकाल जनवरी 2026 में समाप्त होने जा रहा है। ऐसे में राज्य निर्वाचन आयोग और पंचायती राज विभाग ने चुनावी तैयारियों का खाका खींचना शुरू कर दिया है।
राजस्थान में पंचायती राज चुनाव कब होंगे?
राजस्थान में पिछला मुख्य चुनाव वर्ष 2020 में हुआ था। नियमों के अनुसार, पंचायतों का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है। अधिकांश ग्राम पंचायतों और जिला परिषदों का कार्यकाल जनवरी-फरवरी 2026 में पूरा हो रहा है। जानकारों का मानना है कि राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग मई 2026 के अंत या जून के प्रथम सप्ताह में मतदान की प्रक्रिया शुरू करा सकते हैं।
Rajasthan Panchayati Raj Chunav तारीखों को लेकर वायरल मैसेज फर्जी
राजस्थान में पंचायती राज चुनाव को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा एक मैसेज पूरी तरह भ्रामक और फर्जी निकला है। वायरल संदेश में दावा किया जा रहा था कि राज्य में पंचायती राज चुनाव 20 अप्रैल से 4 मई के बीच चार चरणों में कराए जाएंगे और मई महीने में चुनाव परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। हालांकि, इस दावे का कोई आधिकारिक आधार नहीं है।
फर्स्ट इंडिया द्वारा किए गए फैक्ट चेक में यह स्पष्ट हुआ है कि निर्वाचन विभाग ने अभी तक पंचायती राज चुनाव को लेकर किसी भी प्रकार की अधिसूचना या आदेश जारी नहीं किया है। न तो चुनाव की तारीखों का ऐलान हुआ है और न ही मतदान चरणों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने आई है।
अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा मैसेज किसी अज्ञात तत्व द्वारा फैलाया गया है, जिसका उद्देश्य भ्रम पैदा करना है। सरकार या निर्वाचन विभाग की ओर से इस तरह की कोई जानकारी साझा नहीं की गई है।
चुनाव से पहले ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन पर विचार
सूत्रों के अनुसार, चुनाव से पहले भजनलाल सरकार कुछ जिलों में ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन और नए वार्ड बनाने पर विचार कर रही है। नए जिलों के गठन के बाद यह पहली बार होगा जब पंचायत चुनाव नए प्रशासनिक ढांचे के तहत होंगे। यदि परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया शुरू होती है, तो मतदाताओं की सूचियों का नवीनीकरण भी नए सिरे से किया जाएगा।
2026 के इन चुनावों को 2028 के विधानसभा चुनाव का ‘सेमीफाइनल’ माना जा रहा है। इस बार के चुनावों में मुख्य मुद्दे रहने की संभावना है:
- ईआरसीपी (ERCP): पूर्वी राजस्थान के जिलों में पानी का मुद्दा।
- ग्रामीण विकास कोष: पंचायतों को मिलने वाले बजट का वितरण।
- युवा और रोजगार: ग्रामीण युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर अवसर।
- सड़क और बिजली: ‘विकसित राजस्थान’ संकल्प के तहत ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर।
पंचायत चुनाव में एससी-एसटी, ओबीसी और महिला आरक्षण की होगी घोषणा
चुनावों से पहले जिला मुख्यालयों पर लॉटरी के जरिए एससी (SC), एसटी (ST), ओबीसी (OBC) और महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण निर्धारित किया जाएगा। नियमानुसार 50% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी, जिससे ग्रामीण राजनीति में महिला नेतृत्व को फिर से बड़ा मौका मिलेगा।
जनवरी 2026 तक पूरी होंगी मतदाता सूची की तैयारियां, EVM से होंगे चुनाव
राज्य निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, “जनवरी 2026 तक मतदाता सूचियों के संक्षिप्त पुनरीक्षण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। चुनाव ईवीएम (EVM) के माध्यम से कराए जाएंगे और सुरक्षा व्यवस्था के लिए होमगार्ड और राजस्थान पुलिस की तैनाती की योजना तैयार की जा रही है।”